WELCOME

YOU ARE WELCOME TO THIS GROUP

PLEASE VISIT UP TO END OF BLOG

adsense code

Thursday, June 11, 2015

वह घट घट मैं




इश्वर एक है और एक रंग है - निर्विकार और अक्षय है, वह रूपांतरित नहीं होता। वह घट घट मैं इस तरह प्रकट होता है, जिस तरह सूर्य का प्रतिबिम्ब अनेक जलाशयों मैं दिखाई पड़ता है। 

No comments:

Post a Comment