WELCOME

YOU ARE WELCOME TO THIS GROUP

PLEASE VISIT UP TO END OF BLOG

adsense code

Friday, February 6, 2015

मनुष्य की यही महिमा




"मनुष्य की यही महिमा हें कि वह स्वतन्त्र हें कर्म करने में और न करने में भी वह स्वतन्त्र हें और यही उसका विषाद भी हें । मनुष्य गलत करने में भी स्वतन्त्र हें । स्वतन्त्रता में गलत और सही दोनों की स्वतन्त्रता हें ।"

No comments:

Post a Comment