- इन्दरियाँ नौकर हें और उनका स्वामी इन्द्र हे -इन्द्र के मतलब हे आत्मा !
- असुरों का लक्ष स्वयं से संबधित हे बस हम खुश तो सब खुश !
- हम किसी को छेड़ेंगे नहीं मगर कोई हमको छेड़ेगा तो उसको छोडेंगे नहीं !
- आपके अन्दर शान्ति अगाध हो मगर साथ साथ दुष्टता को दमन करने के हिमत भी हनी चाहिए !
पूज्य सुधान्शुजी महाराज
२-९-०९ के टी वी प्रवचन से
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