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Thursday, October 9, 2014
Wednesday, October 8, 2014
जो अपने लक्ष्य
- Visit Daily BLOGS For MORE POSTINGSपरम पूज्य सुधांशुजी महाराज
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
जो अपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गया हो उसे ही प्रकाश का दर्शन होता हे !जो थोडा इधर थोडा उधर हाथ मारते हें वे कोइ लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पाते ! वे कुछ क्षणों के लिये बडा जोश दिलाते हें ,किन्तु यह शीघ्र ठंडा हो जाता हे !
Monday, October 6, 2014
प्रत्येक स्थान
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मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
प्रत्येक स्थान और समय बोलने के योग्य नहीं होते, कभी-कभी मौन रह जाना बुरी बात नहीं |
Sunday, October 5, 2014
Fwd: भक्त वह हे
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मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- भक्त वह हे जो अपना मन उस पृथवी के समान बना ले जिसमें लोग विष्ठा डालते हें पर वह
अन्न देती हे !
भक्त वह हे
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मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
- भक्त वह हे जो अपना मन उस पृथवी के समान बना ले जिसमें लोग विष्ठा डालते हें पर वह
अन्न देती हे !
Friday, October 3, 2014
Thursday, October 2, 2014
संत कबीर दोहे
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
संत कबीर दोहे
सब धरती कागद करूं, लखनी सब बनराय।
सात समुँदर की मसि करूं, गुरू गुन लिखा न जाय।!
कबीर ते नर अंध है, गुरू को कहते और।
हरी रूठे गुरू ठौर है, गुरू रूठे नहीं ठौर।।
गुरू बडे गोविन्द ते, मन में देखू विचारी।
हरी सुमिरे सो बार, गुरू सुमिरे सो पार।।
Wednesday, October 1, 2014
गुरू महिमा
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परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम्
गुरू महिमा
गुरू गोविन्द दोउ ,खडे काके लागुं पाय।
बलिहारी गुरूदेव की ,जिन गोविंस दियो बताय।।
गुरू बिन ज्ञान न उपजे ,गुरू बिन भक्ति न होय।
गुरू बिन संशय ना मिटे ,गुरू बिन मुक्ति न होय।।
गुरू -धोबी शिष्-कापडा ,साबुन -तिरजनहार।
तुरत -सिला पर धोइये ,निकले रंग अपार।।
गुरू गोविन्द दोउ ,खडे काके लागुं पाय।
बलिहारी गुरूदेव की ,जिन गोविंस दियो बताय।।
गुरू बिन ज्ञान न उपजे ,गुरू बिन भक्ति न होय।
गुरू बिन संशय ना मिटे ,गुरू बिन मुक्ति न होय।।
गुरू -धोबी शिष्-कापडा ,साबुन -तिरजनहार।
तुरत -सिला पर धोइये ,निकले रंग अपार।।
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