WELCOME

YOU ARE WELCOME TO THIS GROUP

PLEASE VISIT UP TO END OF BLOG

adsense code

Thursday, February 24, 2011

बड़ों का जो व्यक्ति सम्मान

बड़ों का जो व्यक्ति सम्मान करता है उसकी आयु बढ़ती है, विद्या बढ़ती है, वह व्यक्ति यशस्वी होता है और बलवान होता है। 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


People who respect their elders live long, become more intelligent, earn fame and strength.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


Tuesday, February 22, 2011

विचारपूर्वक कर्म करने से

विचारपूर्वक कर्म करने से आप पाप - पुण्य के बंधन में  नहीं आयेंगे ,इसलिए हर कर्म सोच समझकर करें ! कर्मों में इतनी कुशलता लाओ कि वह कर्म आपको बांधे नहीं !

Monday, February 21, 2011

आनन्दधाम आश्रम

 आनन्दधाम आश्रम
 आनन्दधाम आश्रम


  • आओ चलें गुरु धाम -- आनन्दधाम , पाने खुशियां अपार
    बस रूट
    पुरानी दिल्ली रेलवेस्टेशन से नांगलोइ तक २१९ ,९२५ ,९२६,९२८,९२९
    नई दिल्ली रेलवेस्टेशन से नांगलोइ तक जी एल ९१, ९१८
    बाईपास से पीराग्ढी तक हरियाणा , पंजाब ,आदि) ८८३
    निजामुदीन स्टेशन से नागलोई तक ९६६
    आनन्द विहार बस अडडासे नागलोई तक २३६
    पीरागढी से नागलोई तक ९१८, ९३१ ,९४२ ,९७८ , ९९८

    शिवाजी स्टेडियम से बक्करवाला तक ९६३
    पंजाबी बाग से बक्करवाला तक ९३१
    भजन्पुतरा से नाग्लोई तक २५४ , ९१८
    आजादपुर से नजफ्गढ वाया बक्करवाला रोड ९७८
    पुरानी दिल्ली रेलवेस्टेशन से नजफ्गढ वाया बक्करवाला रोड ९२३
    पंजाबी बाग से नजफ्गढ वाया बक्करवाला रोड ९२३

    पीरागढी व नागलोई से बक्करवाला तक आर . टी . वी भी चलती हे जो आश्रम से होकर जाती हैं !


    आनन्दधाम गुरु का धाम हे ,आनन्दधाम आश्रम में आप सभी भक्त जनों का स्वगत हे ! आश्रम पहुचने पर स्वगत्कक्ष या दिव्य्लोक धर्मशाला मेम धर्माचार्य से सम्पर्क करें !


    पता ;-आनंदधाम आश्रम , बक्करवाला मार्ग नांगलोई नजफगढ़ मार्ग ,नई दिल्ली ११९९४१

वास्तविक ज्ञान भीतर

वास्तविक ज्ञान भीतर से मिलता है न पुस्तकों से न शास्त्रों से।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

True wisdom comes from within, not from books or scriptures.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma


Tuesday, February 15, 2011

ईट पत्थरों से बना मकान सुन्दर

   ईट पत्थरों से बना मकान सुन्दर दिख सकता है लेकिन घर का सौन्दर्य उसमें तब आता है जब उसमें प्रेम हो।
 परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

  A house can look beautiful with stones and bricks but the real beauty comes from having it filled with love.


Translated by Humble Devotee
Praveen Verma



Sunday, February 6, 2011

जानवर न बोलने के कारण

जानवर न बोलने के कारण दुःखी है, इंसान बोलने के कारण दुःख पाता है। ज्यादा बोल जाए, फ़ालतू बोल जाए।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Animals are miserable because they are unable to speak.  Humans are miserable at times because they can speak.  
Excessive and useless speech breeds misery.

Translated by Humble Devotee
Praveen Verma